अंतर्राष्ट्रीय जल सहयोग वर्ष – 2013

अंतर्राष्ट्रीय जल सहयोग वर्ष – 2013

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जल से सब कुछ , जल से हमारी जिन्दगानी।
पृथ्वी के दो तिहाई हिस्से में है पानी – पानी।।
जिसमें पीने के लिए एक प्रतिशत से कम पानी।
इसलिए बूंद-बूंद बचाओ , गढ़ो नई कहानी।।

बढ़ते हुए जल संकट को देख , दुनिया एक हुई।
तब संयुक्त राष्ट्र महासभा ने की घोषणा नई।।
वर्ष 2013 को अंतर्राष्ट्रीय जल सहयोग वर्ष मनाओ।
इसलिए बूंद-बूंद बढ़ाओं , कठौती में गंगा लाओ।।

उपयोग जल का कृषि , उद्योग , उर्जा और घर में।
मानव, पशु-पक्षी, गांव-गांव शहर और नगर में।।
पानी है सभी के लिए, प्रकृति की अनमोल देन।
इसलिए बूंद-बूंद बचाओ, ऐन केन प्रकाणेन।।

दिनो दिनो जल की उपलब्धता घटती जा रही है।
जनसंख्या वृद्वि से इसकी खपत बढ़ती जा रही है।।
प्राकृतिक संसाधनों के सरक्षण का चलाये अभियान।
इसलिए बूंद-बूंद बचाओ, जल है प्रकृति का वरदान।।

वर्ष 2025 तक होगी , पेय जल की बढ़ती जरूरत।
जिसके लिए हमें और जुटाना होगा , 44 प्रतिशत।।
सिंचाई में 10 और उद्योग में 81 प्रतिशत बढ़ जायेगा।
इसलिए बूंद-बूंद बचाओ , तब संतुलन हो पायेगा।।

वृक्ष लगाओ , पर्यावरण सुधारों , जल चक्र सुधारों।
सूखा – बाढ़ , तूफान विपदाओ से , भारत को उबारो।।
वर्ष 2013 को अंतराष्ट्रीय जल सहयोग वर्ष मनाओ ।
बूंद-बूंद बचाओ , राष्ट्रीय जल संरक्षण वर्ष मनाओ ।।

डाॅं. भागचन्द्र जैन “जल स्टार” प्राध्यापक (कृषि अर्थशास्त्र)

कृषि महाविद्यालय, रायपुर (छ.ग.) 492012

Dr. BhagChandra Jain is renowned author & famous scientist in field of Agriculture. Awarded by Central & State government ,Mr. Bhag is author of more than 1700+ articles published in various international journals,magazines & books.

Currently ,Dr. Jain is working as Professor in Indira Gandhi Agricultural University .

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