औद्योगिक नीति 2014-19 – छत्तीसगढ़ में भूमि बैंक और उद्यमिता विकास

. डॉं भागचंद जैन प्राध्यापक (कृषि अर्थशास्त्र) कृषि महाविद्यालय , रायपुर
. 492012 (छत्तीसगढ़)
इं. सोहिल जैन संचालक , जैन सॉफ्टवेयर ,106-107, जयराम काम्पलेक्स जय स्तम्भ चौक रायपुर 492001 (छत्तीसगढ़)

 

 

मेक इन इंडिया के तर्ज पर , मेक इन छत्तीसगढ़ को साकर करने के लिए उत्तीसगढ़ की आद्योगिक नीति 2014-19 बनायी गई है जिसमें उद्योगो को प्रोत्साहन देने के लिए निर्माण संबंधी उद्यागो का बढावा देने के साथ साथ सूक्ष्म , लधु , माध्यम तथा डाएनस्ट्रीट उद्योगो के लिए अनुदान एंव छुट का विशेष प्रावधान किया गया है ।

रामराज्य का कौशाल प्रदेष तथा भारत का 26 वा प्रदेष छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से भरपुर है यहां क्या नही है , उपजाउ जमीन है । जंगल है । रत्नगर्भा धरती है । दुर्लभ जैव विविघता है ं। यहा से निकलेन वाली महानदी उडीसा राज्य से होकर समुद्र में मिलती है अन्य मुख्य नदिया षिवनाथ , हसदेव , माण्ड , खारून , जोंक , पैरी एंव ईब महानदी की कन्हर एंव रिहंद , सोन नदी की और इद्रवती , गोदावरी नदी की सहायक नदिया है । यहां 1041 सिंचाई जलाशय और 36844 तालाब है , अर्थात छत्तीसगढ़ में सतही जल और भू-जल अधिक है । यहॉं उपर पानी है और आर नीचे पानी है । महान दर्षनिक टालस्टाय ने लिखा है कि महानदी की रेत में हीरे पायी जाती है हीरा बाक्साईट , लौह अयस्क कोयला चुना , डोलोमाईट टिन कोरण्डम तथा क्वाटजाईट जैसे खनिजो के दोहन से प्रदेष को राजस्व की भारी राशि प्राप्त होती है।

बजट
वर्ष 2015-16 में छत्तीसगढ़ के सकल घरेलू उत्पाद कीर वृद्वि दर का अनुमान 12.76 प्रतिशत लगाया गया है , जबकि भारत मे सकल घरेलू उत्पाद की वृद्वि दर अनुमानित 7.00 से 7.50 प्रतिशत रही है । छत्तीसगढ़ में कृषि विकास कि दर वर्ष 2015-16 में सूखने के कारण 0.14 प्रतिषत आंकी गई है , जो कि वर्ष 2014 -15 में 6.18 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है ।
छत्तीसगढ़ को वर्ष 2016-17 के बलट में भिलाई में इंजीनियरिंग पार्क , धमतरी फुड पार्क , राजनांदगांव में प्लास्टिंक पार्क , कोरबा में एल्यूमिनियम पार्क तथा नया रायपुर में इलेक्ट्रानिक मेनुफेक्चरिंग क्लास्टर बनाने का प्रावधान किया गया है । औघोगिक क्षेत्रों के विकास एंव संधारण हेतु बजट में 50 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है । इसके अलावा राज्य खाद्य प्रसंस्करण मिशन के लिए 14 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है । प्रदेश कि राजधानी , नया रायपुर , देश की प्रथम स्मार्ट सिंटी के रूप में विकसित हो रही है नया रायपुर में सम्मलेन , प्रदर्शनी के आयोजनो के लिए डॉं. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एंव व्यापार परिसर में कन्वेशन सेन्टर निर्यात फेसिलिटेशन सेंटर और शिल्प ग्राम कि अघोसरचना विकसित कि जायेगी जिसके लिए प्रदेश के बजट में 25 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है । आद्योगिक नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अनुदान को 90 करोड रूपये से बढ़ाकर 120 करोड़ रूपये किया गया है । ईज ऑफ डुइंग विजनेस , में छत्तीसगढ़ का स्थान देष के चार अग्रणीय राज्यो में है इस दिषा में वर्ष 2016-17 में सुधार किये जायेगे ।
छत्तीसगढ़ कि नवाचार एंव उद्यामिता विकास नीति का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 21 फरवरी 2016 को िकया गया , जिसमें इक्युवेटर सह एक्सेलेरेटर की स्थापना हेतु 8 करोड़ 70 लाख रूपये , स्टार्ट -अप उद्यमियो को ब्याजमुक्त ़ऋण के लिए लीप आफ फेश फण्ड की स्थापना हेतु 50 लाख रूपये तथा वेचर केपिटल के लिए उद्यम पूंजी निधि की स्थापना हेतु एक करोड़ रूपये का प्रावधान है ।
प्रदेष में मुख्यमंत्री युवा स्वालंबन योजना की शुरूवात होने से सूचना प्राद्योगिकी (पदवितउंजपवद जमबीदवसवहल) तथा सूचना प्रौघोगिकी समर्पित सेवा उघोगो के लिए कौषल विकास एंव प्लेसमेंट के अवसर जुटाये जायेगे । इसमें वर्ष 2016-17 में पांच हजार छात्रो को कौषल विकास प्रशिक्षण दिया जायेगा , जिसके लिए पांच करोड रूपये का प्रावधान किया गया है ।
युवाओ को कौषल विकास का अघिकार देने वाला छत्तीसगढ़ अकेला राज्य है । वर्ष 2015-16 में 85 हजार युवाओ को प्रशिक्षण दिया गया मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना एंव कौशल विकास प्रारंभिक योजना (ेापस कमअमसवचउमदज प्दपजपंजपअम ेबीमउम) के अंतर्गत 144 करोड़ रूपये का प्रावघान है । इसके अलावा जीवनोपयोगी महावद्यिलय (स्पअमसपीवक बवससंहम) की अघोसंरचना विकास हेतु 51 करोड़ रूपये का प्रावघान है ।
प्रदेश में 8 अद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (प्दकनेजतपंस जतंपदपदह प्देजपजनजम) की स्थापना प्रस्तावित है । वर्ष 2016-17 में आई.टी.आई. की सीटें 1136 बढ़ायी जायेगी ।
छत्तीसगढ़ युवा क्रांती योजना के अंतर्गत 7400 छा़त्रो को लेपटाप और टेबलेट वितरित किये जाने का लक्ष्य रख गया है जिसके लिए 80 करोड़ रूपये का प्रावधान है वर्ष 52016-17 से भारतीय सुचना प्राद्योगिकी संस्थान में सीटो कि संख्या 80 से बढ़ाकर 120 की जायेगी । इस संस्थान के लिए 10 करोड़ रूपये का प्रावधान है इसके अलावा उद्योग की सहभागिता से 82 करोड़ रूपये कि लागत से अधोसंरचना विकसिंत की जायेगी अभियांत्रिकी शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए शासकिय इंजीनियरिंग महाविद्यालय , रायुपर में सिविल इलेक्ट्रीकल तथा इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग विषयों में स्तनातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किये जायेगे।

प्रदेश में ग्रामोद्योग को बढ़ावा देन के लिए नैसर्गिग कोसा उत्पाद विकास योजना और मलबरी एंव टसर विस्तार हेतु 10.63 करोड़ रूपये का प्रावघान है ।

औघोगिक क्षेत्र और भूमि बैंक
छत्तीसगढ़ के सभी 27 जिलो में औद्योगिक क्षेत्रो की संभावना वाले स्थानों पर सूक्ष्म , लघु एंव मध्यम उद्योगो की स्थापना हेतु नये औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किये जायेगे इनकी स्थापना हेतु नये औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किये जायेगे इनकी स्थापना के लिए छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (बीजजपेहंती ेजंजम प्दकनेजतपंस कमअमसवचमते बवतचवतंजपवद) को नोडेल ऐजेसी बनाया गया है । नया रायपुर में प्रदुषणमुक्त उद्याग स्थापित किये जायेगे । प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्रो का यथा संभव विस्तार किया जायेगा । इसके अलावा निजी क्षेत्रो में आवयकतानुसार औद्योगिक क्षे़त्रो और औद्योगिक पार्को की स्थापना को बढ़ावा दिया जायेगा ।
रेल कारीडोर योजना , और दल्लीराजहरा , रावघाट – जगदलपुर रेल्वे परियोजना के कार्यक्षेत्र में आने वाले क्ष़ेत्रो में उपयुक्त स्थापना पर लघु आद्योगिक क्षेत्रो कि स्थापना हेतु भूमि की पहचान की जायेगी । सी.एस.आई.डी.सी को नये औद्योगिक क्षेत्रो की स्थापना औद्योगिक क्षेत्रो का विस्तार , पहुंच मार्ग और भूमि बैंक आदि कि स्थापना हेतु भूमि क्रय करने का अघिकार दिया जायेगा ।
औद्योगिक क्षेत्रो में सुक्ष्म एंव लधु उद्योगो कि स्थापना हेतु बहु मंजिला भवन , रोड बनाये जायेगे। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक भूमि की मांग बढ़ती जा रही है जिसकी पूर्ती हेतु दीर्धकालीन योजना बनाकर 10 हजार हेक्टेयर का भूमि बैंक बनाया जायेगा । भूमि बैंक के लिए भूमि के अर्जन , शासकिय भूमि के हस्तांतरण में न्यूनतम 20 प्रतिशत आवंटन सूक्ष्म , लघु और माध्यम उद्योगो के लिए आरक्षित होगी।
उद्योगो कि स्थापना लागत को कम करने के लिए औद्योगिक क्षेत्रो में विघुत उपकेन्द्र बनाने विघुत टा्रसफार्मर लगाने भूमि का आरक्षण किया जायेगा । इसके अलावा आद्योगिक क्षेत्रो में औद्योगिक पेय जल की आपूर्ती हेतु व्यवस्था की जायेगी तथा संचार सुविधाओं के लिए भी भूमि आरक्षित रखी जायेगी ।
राज्य सरकार और सी.एस.आई.डी.सी. द्वारा औद्योगिक क्षेत्रो का संघारण किया जात है , किन्तु इन औद्योगिक क्षेत्रो में स्थानीय निकायो द्वारा सम्पत्ति कर तथा अन्य कर वसुले जाते है , जिसे देखते हुए अघिनियमो में आवश्यक संसोधन किया जायेगा । राज्य सरकार द्वारा स्वयं या जन सहभागिता माडल के आधार पर समूह आधारित उद्योग विकसित किये जायेगे , जैसे जेम्स एंव ज्वेलरी , खाद्य प्रसंस्करण (थ्ववक च्तवबमेपदह) पार्क , इंजिनियरिंग पार्क , एलुमीनियम पार्क , फार्मास्टूटिकल पार्क, सूचना प्राद्योगिकी पार्क , कोर सेक्टर पर आधारीत डाउन स्ट्रीम उद्योग पार्क , सोलर एंव सोलर आधारित उत्पाद पार्क हर्बल पार्क , प्लास्टिक पार्क, इलेक्ट्रानिक एंव इलेक्ट्रिकल उपभोक्ता उत्पाद पार्क और रेल्वे सहायक उद्योग काम्पलेक्स आदि ।
औद्योगिक क्षेत्रों के संघारण हेतु गठित अघोसंरचना निगरानी समितियों का अघिक प्रभावी बनाया जायेगा । यहां आवश्यकता के अनुसार उच्च भारवहन क्षमता की आर.सी.सी सड़के उच्च गुण्वत्तायुक्त विघुत का सतत प्रदाय , जल प्रदाय , औजार कक्ष (ज्ववस तववउ) प्रशिक्षण प्रयोगशाला (ज्मेजपदह स्ंइवतंजवतल) अग्नि सुविधा (ब्वउउनदपबंजपवद) आदि कि व्यवस्था कि जायेगी इसके लिए पहल की जायेगी । औद्योगिक क्षेत्रो में संघारण हेतु निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन दिया जायेगा ।
भूमि बैंक और औद्योगिक क्षेत्रो के निकटवर्ती क्षेत्रो में कार्यरत श्रमिको के आवास के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल तथा अन्य सरकारी संस्थाओ और निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन दिया जायेगा ।

औद्योगिक भूमि प्रबंधन
औद्योगिक क्षेत्रो तथा औद्योगिक क्षेत्रो के बाहर भूमि बैंक से भूमि आवंटन हेतु नये भूमि आवंटन सबंधी नियम बनाये जायेगे । इसके अलावा प्रदेश और जिला स्तर पर भूमि आवंटन के अघिकार का विकेन्द्रीयकरण किया जायेगा ।
औद्योगिक उददेश्य और आद्योगिक उद्देश्यों से भिन्न उद्देश्य के लिए भूमि का आवंटन कि दरो का निर्धारण युक्तसंगत बनाया जायेगा । इसके अलावा भूमि और शेड हस्तांतरण कि दरो को उपयुक्तता के अनुसार संशोधित किया जायेगा । औद्योगिक भूमि शेड तथा भवन खाली कराने के लिए और विभागीय बकाया की वसूली करने के लिए सी.एस.आई.डी. सी. जिला व्यवार एंव उद्योग केन्द्र के अघिकारियो को क्रमशः बेदखली परिसर अधिनियम और राजस्व विभाग के अघिकारो को न्यायसंगत बनाया जायेगा ।

उद्यमिता विकास
छत्तीसगढ़ में उघमिता विकास की व्यापक संभावननाये है । तरह तरह के लघु , मध्यम और सुक्ष्म उद्योगो को स्थापना के लिए यहां कच्चा माल तथा संसाधन उपलब्ध है । उद्यमिता विकास के लिए सर्वेक्षण , प्राथमिक तथा विस्तृत परियोजना का प्रतिवेदन बनाने निवेश के पहले संबंधित पहुलुओ पर अध्ययन , नये उद्यमियो के चयन और उनकी परिवार योजनाओ का क्रियान्वयन तकनिकी एंव प्रबंधन सहयोग तकनिकी आर्थिक उपयुक्तता प्रतिवेदन (ज्मबीदव म्बवदवउपब मिंपइपसपजल त्मचवतज) तैयार करने , औद्योगिक प्रबंधन एंव वित्तीय सलाहकार के रूप में कार्य करने इंजीनियरिंग सलहकार सेवाये देने परियोजना परिर्वेक्षण सेवायें देने , उद्यासमिता जागरूकता , उद्यामिता विकास कौशल विकास (ेपसस क्मअसवचउमदज) , प्राशिक्षणार्थी प्रशिक्षण (ज्तंपदमत ज्तंपदपदह) प्रबंधन प्रशिक्षण विपणन सहयोग कार्यशाला (ॅवतोवच), क्रेता विक्रेता सम्मेलन आदि कार्या के लिए छत्तीसगढ़ कंसलटेंसी आर्गेनाईजेशन का गठन किया जायेगा । जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम , राष्ट्रीयकृत बैंको तथा अन्य शासकिय विभागो को शामिल किया जायेगा ।
विभिन्न विभागो एंव उपक्रमों द्वारा किये जाने वाले उद्यमिता विकास कार्यक्रमों में समन्व्य स्थपिता किया जायेगा । युवाओं में उद्यमिता विकास के लिए विभिन्न कार्यक्रमो का वार्षिक कैलेण्डर तैयार किया जायेगा इसके अलावा उद्यामिता विकास कार्यक्रम के पाठ्यक्रमो की रूप रेखा बनाई जायेगी । जिसमें व्यवहारिक प्रशिक्षण और औद्योगिक भ्रमण पर अधिक घ्यान दिया जायेगा । उद्यामिता विकास कार्यक्रमों में उत्पाद आधारित गतिविधियों को प्राथमिकता दी जायेगी। । उद्यमिता संबंधी प्रशिक्षण के लिए छत्तीसगढ़ के उद्यामियो को उद्यमिता विकास संस्थान , अहमदाबाद तथा अन्य संस्थाओं में भेजा जायेगा । इसके अलावा तकनीकी और प्रबंधन संस्थाओं में समन्व्यय स्थापित कर पाठ््यक्रम को अधिक प्रभावी बनाया जायेगा । प्रदेश में सूक्ष्म , लधु एंव मध्यम उद्यम संस्थानों और अनुमोदित संस्थानो से जिले के लिए उपयुक्त उद्योगो की परियोजना प्रोफाईल तैयार कर उसे उद्यामियो को निशुल्क उपलब्ध कराया जायेगा ।

निर्यात
छत्तीसगढ़ से सीधे निर्यात हेतु औद्योगिक नीति 2014-19 में विशेष प्रावधान किये गये है जैसे नया रायपुर में निर्यात सुविधा सह कन्वेशन सेंटर की स्थापना , रायुपर में एयर कार्गो की स्थापना (जिसमें कस्टम क्लियरेन्स सुविधा हो ) प्रदेश में निर्यातोन्मुखी उत्पाद , समाग्री, निर्यात अद्योसंरचना की जरूरत आदि करना तथा कार्य योजना बनाना । निर्यात और आयात संबंधी वेबसाईट का प्रभावी ढंग से उपयोग करना ।
उद्यामियो को निर्यात प्रक्रिया की जानकारी के लिए निर्यात संवर्धन परिषद , विदेश व्यापार के महानिदेशक (क्पततबजवत ळमदमतंस वि थ्वतमपहद ज्तंकम) और राज्य सरकार कि संस्थाओं में समन्वय स्थापिता कर जागरूकता कार्यक्रम चलाये जायेगे । निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उद्योग संचानालय में निर्यात प्रकोष्ठ (म्गचवतज ब्मसस) का गठन किया जायेगा । नियातोन्मुखी उत्पादों पर कर की छुट के लिए प्रावघान है । निर्यात संबंधी सभी क्लियरेंस एक साथ कराने के लिए विदेश व्यपार के महानिदेशक के रायपुर स्थित कार्यालय को अपग्रेड किया जायेगा । निर्यात के लिए इनलेण्ड कंटेनर डिपो को सर्वसुविधायुक्त बनाया जायेगा।
उद्योग मित्र
प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार कि योजनाए स्थपित कि जायेगी जिनकी प्रक्रिया सरल बनाई जायेगी । जिला और राज्य स्तर पर 10 करोड़ रूपये से अघिक की परियोजनाए स्थ्पापित कि जायेगी जिनकी प्रारंभ्भिक स्थिति से लेकर स्थापना तक मार्गदर्शन देने वाले सहयोगी अघिकारीयो को उद्योग मित्र की सज्ञा दी जायेगी ।
उद्योग के समस्याओं के निरारकरण हेतु जिला स्तर पर कलेक्टर की अघ्यक्षता में उद्योग संवर्धन सहायता समीति , संचानालय स्तर पर उद्योग आयुक्त/संचालक की अघ्यक्षता में समन्वय समीति औद्योगिक अघोसंरचना एंव विपणन संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु सी.एस.आई.डी.सी. के प्रबंध संचालक की अघ्यक्षता में समीति और शासकिय समस्याओं के निदान हेतु अपार मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव वाणिज्य एंव उद्योग विभाग की अध्यक्षता में अंर्तविभागीय समीति गठित की जायेगी , जिसकी बैठक प्रत्येक तीन माह में होगी ।

तालिका 1 छत्तीसगढ़ में उद्योग हेतु विकासशील क्षेत्र

जिला             विकास    खण्ड
रायपुर घरसिवा , तिल्दा , अभनपुर
बलौदा बाजार बलौदा बाजार , भाटापारा , सिमगा
बलिसपुर विल्हा , कोटा , तखतपुर
दुर्ग दुर्ग , धमधा , पाटन
राजनांदगांव राजनांदगांव
महासमुंद महासमुद
धमतरी घमतरी
जांजगीर अकलतरा , चाप , जाजगीर , सक्ती , बलौदा
रायगढ़ रायगढ़ , पुसौर , घरघेड़ा , तमनार , खरसिया ,
कोरबा कोरबा , कटघोरा

तालिका 2 छत्तीसगढ़ में उद्योग हेतु पिछड़े क्षेत्र

जिला विकास खण्ड
रायपुर आरंग
बलौदा बाजर कसडोल , बिलाईगढ ़, पलारी
बिलासपुर पेण्ड्रा , मरवाही , मस्तुरी
मुगेली मुंगेली पथरिया , लोरमी
बालोद बालोद , डौडी , लोहारा , गुण्डरदेही , गुरूर
बेमेतरा बेमेतरा , साजा , नवागढ़ , बेरला
राजनांदगांव अंबागढ़ , चौकी , मानपुर , मोहला , छुरिया ,
छुईखदान , डोगरगडढ़ , डोरगरगांव , खेरागढ़
महासमुद वसना , पिथौरा , बागबाहरा , सराईपाली
धमतरी नगरी , मगरलोड , कुरूद
जांजगीर माल खरौदा , जैजेपुर , डभरा , पामगढ़
रायगढ़ धरमजयगढ़ , बरमकेला , सारंगढ़ , लैलूंगा
कोरबा करतला , पौडी , उपरोडा , पाली
गरियाबंद गरियाबंद , मैनपुर , छुरा , देवभोग , फिगेश्वर
कवर्धा कवर्धा , पडरिया , लोहारा , बोडला
कांकेर
दंतेवाड़ा
सुकमा
कोडागांव
नारायणपुर
बीजापुर समस्त विकास खण्ड
बस्तर
जशपुर
बलरामपुर
सूरजपुर
सरगुजा
कोरिया
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Dr. BhagChandra Jain is renowned author & famous scientist in field of Agriculture. Awarded by Central & State government ,Mr. Bhag is author of more than 1700+ articles published in various international journals,magazines & books.

Currently ,Dr. Jain is working as Professor in Indira Gandhi Agricultural University .

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