कृषि उत्पादन में श्रेष्ठेता और कृषि कर्मण पुरस्कार

डाॅ. भागचन्द्र जैन
प्राध्यापक, (कृषि अर्थषास्त्र)
कृषि महाविद्यालय,रायपुर-492012

कृषि उत्पादन में श्रेष्ठेता  और कृषि कर्मण पुरस्कार - bhagchandra.com

‘कृषिरेव महालक्ष्मीः‘ अर्थात कृषि ही सबसे बड़ी लक्ष्मी है। भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि कहलाती है, जहां 52 प्रतिषत व्यक्ति   खेती कर रहे हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था विष्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत सबसे बड़ा चावल निर्यातक देष है, जो गेहूं,कपास का दूसरा बड़ा निर्यातवः भी हैं। भारत में सबसे ज्यादा दूध और उद्यानिकी फसलों का उत्पादन होता है। वर्ष 2013-14 में भारत खाद्यान्न के उत्पादन का अनुमान 26.3 करोड़ टन लगाया गया है, जब कि वर्ष 2012-13 में 25.53 करोड़ टन ,खाद्यान्न उत्पादन हुआ था। वर्ष 2012-13 में भारत से 40 विलियन डालर मूल्य का कृषि निर्यात किया गया था, जो कि वर्ष 2013-14 में बढ़कर 45 बिलियन डालर हो गया है।
कृषि से सर्वांगीण विकास को साकार करने के लिए शासन द्वारा किसानोपयोगी योजनाएं चलायीं जा रहीं हैं, अनुदान दिया जा रहा है तथा प्रोत्साहन हेतु पुरस्कार दिये जा रहे हैं। वर्ष 2012-13 में कृषि उत्पादन में श्रेष्ठता के लिए विभिन्न वर्गों में पुरस्कार दिये गये हैं, किसानों-उत्पादकों को सम्मानित किया गया हैं। सकल खाद्यान्न उत्पादन, एक फसल और कुल उत्पादन में वृद्वि के आधार पर दिये गये ‘कृषि कर्मण पुरस्कारों, से अन्नदाता किसान गौरवान्वित हुए हैं।

तालिका:  कृषि उत्पादन में श्रेष्ठता के लिए कृषि कर्मण पुरस्कार, 2012-13

888छत्तीसगढ़ को चावल उत्पादन हेतु कृषि कर्मण पुरस्कार

10 फरवरी 2014 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में चांवल उत्पादन में श्रेष्ठता क ेलिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रदेष के कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने यह पुरस्कार राष्ट्रपति के हाथों प्राप्त किया। छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार लगातार दूसरी बार प्राप्त हुआ है। श्रीमति सुषीला गबेल (जिला-जांजगीर) और श्री भोलाराम साहू (जिला – धमतरी) को धान के श्रेष्ठतम उत्पादन के लिए पुरस्कृत किया गया।

छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहलाता है, जहां तरह-तरह की धान की किस्में है। प्रदेष के 27 जिलों की पहचान वहां पर विषेष रूप् से होने वाली सुगंधित धान की किस्मों से है। यह गर्व का विषय है कि यहां वर्ष 2013-14 में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्वि दर राष्ट्रीय औसत से अधिक रही है। भारत में यह वृद्वि दर 4.47 प्रतिषत दर्ज की गई है, जबकि छत्तीसगढ़ में 7.05 प्रतिषत होने का अनुमान लगाया गया है। प्रदेष के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि का योगदान 22 प्रतिषत आंका गया है, यहां कृषि विकास के लिए पर्याप्त अवसर हैं।

 

Dr. BhagChandra Jain is renowned author & famous scientist in field of Agriculture. Awarded by Central & State government ,Mr. Bhag is author of more than 1700+ articles published in various international journals,magazines & books.

Currently ,Dr. Jain is working as Professor in Indira Gandhi Agricultural University .

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