अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2012

अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2012

सहकारिता की महिमा लिखी है, ऋृगवे – अर्थर्ववेद में ।
इसमें सब कुछ दिखता है, इन्द्र धनुष रंगों के भेद में ।।
प्रगति की पौ बारह होगी 2012 में, सहकारिता अपनाओं ।
विश्व में मनाया जा रहा सहकारिता वर्ष, तुम भी मनाओ।।

भारत के गांवों में विश्व का सबसे बड़ा सहकारी नेटवर्क ।
जन आंदोलन यह, जो मिटा रहा अमीरी-गरीबी का फर्क ।।
समानता और खुशहाली के लिए सहकारिता अपनाओ।
विश्व मेे मनाया जा रहा सहकारिता वर्ष, तुम भी मनाओ ।।

अनेकता में एकता में शोभित है, प्यारा हमारा भारत देश ।
सब एक के लिए एक सबके लिए मै सहकारिता विशेष ।।
यत्र तत्र सर्वत्र विकास के लिए, सहकारिता अपनाओ ।
विश्व में मनाया जा रहा सहकारिता दिवस, तुम भी मनाओ ।।

कृषि, दुग्घ, सिंचाई आवास आदि में इसका सहारा ।
साख से साख यह बढ़ाये, बने बचत का आधारा ।।
विश्व व्यापीकरण के इस दौर में, सहकारिता अपनाओ ।
विश्व में मानाया जा रहा सहकारिता वर्ष, तुम भी मनाओ ।।

सर्व सम्पन्न हो दुनिया सारी, प्रगति है वरदान सहकारी ।
सहकारी पथ पर बढ़ते जाओं, हर क्षेत्र में सफलता पाओ ।।
घर में, बाहर में, गांव-गांव में, तुम सहकारिता अपनाओ ।
विश्व मेें मनाया जा रहा सहकारिता वर्ष, तुम भी मनाओ ।।

डाॅं. भागचन्द्र जैन
प्राध्यापक (कृषि अर्थशास्त्र)प्रचार अधिकारी
कृषि महाविद्यालय, रायपुर (छ.ग.) 492012

 

Dr. BhagChandra Jain is renowned author & famous scientist in field of Agriculture. Awarded by Central & State government ,Mr. Bhag is author of more than 1700+ articles published in various international journals,magazines & books.

Currently ,Dr. Jain is working as Professor in Indira Gandhi Agricultural University .

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